सर्दी की सुहानी धूप और गांव की चौपाल ||
चौपाल पर बचपन के वो सारे बाल गोपाल ||
चौपाल पर बचपन के वो सारे बाल गोपाल ||
------------------------याद आते हैं ।।
जेठ की तपन, खेत और खेत की मेड़ ||
मेड़ पर शितल छाँव वाला आम का पेड़ ||
------------------------याद आते हैं।।
बारिश की पहली फुहार, गाँव का आँगन ।।
फुहार से निकलती सौंधी माटी की सुगंध ।।
------------------------याद आते हैं ।
बारिश में भीगना और वो थर थर कांपना ।।
लाड़ दुलार भरी डाँट और बाबा का डाँटना ।।
----------------------याद आते हैं।।
डाँट सुनकर आँखों में आँसुओं की धार ।।
माँ की उंगलियो का आँसू पोछता प्यार ।।
---------------------याद आते हैं ।।
......... गोगी ........
जेठ की तपन, खेत और खेत की मेड़ ||
मेड़ पर शितल छाँव वाला आम का पेड़ ||
------------------------याद आते हैं।।
बारिश की पहली फुहार, गाँव का आँगन ।।
फुहार से निकलती सौंधी माटी की सुगंध ।।
------------------------याद आते हैं ।
बारिश में भीगना और वो थर थर कांपना ।।
लाड़ दुलार भरी डाँट और बाबा का डाँटना ।।
----------------------याद आते हैं।।
डाँट सुनकर आँखों में आँसुओं की धार ।।
माँ की उंगलियो का आँसू पोछता प्यार ।।
---------------------याद आते हैं ।।
......... गोगी ........
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नीरज गोस्वामी wrote...
ReplyDeleteWaah...Sach men bahut yaad aate hain..
क्या बात है वाह
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