अधूरे सपने
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Wednesday, 4 April 2012
पौधा सूख गया था
वो पौधा
सूख गया था,
माली भूल गया था
प्यार की फुहार
उस पर बरसाना |
भूल गया था
प्रेम से उसकी लताओं
को सहलाना |
भूल गया था
पशुओं से उसके
पत्ते,टहनियों को बचाना
माली की उपेक्षित भावनाओं से
उसका जीवन टूट गया था
वो पौधा सूख गया था |
अभय असि
2 comments:
ANULATA RAJ NAIR
16 September 2012 at 00:30
बहुत सुन्दर...
कोमल एहसास...
अनु
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Abhay Asi
7 October 2012 at 11:30
Thanks Anu ji
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बहुत सुन्दर...
ReplyDeleteकोमल एहसास...
अनु
Thanks Anu ji
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