तेरी माँ
तारा बन गई
मेरे मासूम मन में
ये बात नहीं आई |
माँ तारा
केसे बन सकती है !!!
शायद दुनिया
झूठ कहती है |
पर माँ जब
नहीं दिखती
घर मे,खेत मे ,
खलिहान मे, मंदर मे |
तो हो विवश
देखने लगती हू
तारा बन गई
मेरे मासूम मन में
ये बात नहीं आई |
माँ तारा
केसे बन सकती है !!!
शायद दुनिया
झूठ कहती है |
पर माँ जब
नहीं दिखती
घर मे,खेत मे ,
खलिहान मे, मंदर मे |
तो हो विवश
देखने लगती हू
गगन मे
जगमगाते तारो को
कोंनसी है मेरी माँ इनमे |
एक टिमटिमाता तारा
कुछ बोल रहा हो इशारे से
बस मे भी बाते करने लगती हू
तोतली जुबान मे |उस तारे से
और बस ऐसे ही
नींद लग जाती
और रात गुजर जाती
इस तरह
गुजर गयी कई राते
करते करते उस तारे से बाते|
और अब वो तारा ही
लगने लगा है मुझे मेरी माँ
शायद अब इस बात को
नहीं समझ पायेगा ये जहां
जिसने झूठ बोला था
मुझे समझाने के लिए
की तारा बन गयी तेरी माँ |
अब में भी
जानती हूँ की
नहीं है मेरी माँ
ये तारा
पर वो माँ से
कम भी तो नहीं
जिसके सहारे
कटा जीवन सारा
---- गोगी -----
कोंनसी है मेरी माँ इनमे |
एक टिमटिमाता तारा
कुछ बोल रहा हो इशारे से
बस मे भी बाते करने लगती हू
तोतली जुबान मे |उस तारे से
और बस ऐसे ही
नींद लग जाती
और रात गुजर जाती
इस तरह
गुजर गयी कई राते
करते करते उस तारे से बाते|
और अब वो तारा ही
लगने लगा है मुझे मेरी माँ
शायद अब इस बात को
नहीं समझ पायेगा ये जहां
जिसने झूठ बोला था
मुझे समझाने के लिए
की तारा बन गयी तेरी माँ |
अब में भी
जानती हूँ की
नहीं है मेरी माँ
ये तारा
पर वो माँ से
कम भी तो नहीं
जिसके सहारे
कटा जीवन सारा
---- गोगी -----
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