अमर घर चल
नल पर जल भर
खटपट मत कर
पढ़ाया था हमें
हमारे शिक्षक ने
हमें लगा था
सीखा रहे है
केवल पढ़ना
बिना मात्रा वाले शब्द
आम खा अपना काम कर
यह पढ़कर भी लगा था
की हम सीख रहे है
आ की मात्रा वाले शब्द
पर बात यह नहीं थी
बहुत बड़ा दर्शन छुपा था
इन नन्हे शब्दों में
अब समझ में आया
जब समय नहीं रहा
गुजार दी उम्र
खटपट करने में
आम खाने से
काम नहीं रखा
और अड़ाते रहे टांग
दूसरों के फटे में ........
अभय असि
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