दादी
दादी
अब तू
हाथ जला
टिक्कड़ थेप
नही
आयेगा
तेरा हमीद
चिमटा लेकर
तू राह मत देख
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
हो गया है
वो गुमराह
जेहादी मेले में
चिमटे की जगह
पड़ गया वो
ए के फोरटी सेवन
के झमेले में
,,,,,,,,,,,,,,,,,,
दादी तू
बस अब
हाथ जला
ओर टिक्कड़ थेप
हमीद की राह
मत देख. .....
........असि .
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